
निर्मला
Leseprobe lesen etwa 243 Minuten
पिता की अचानक मौत के बाद दहेज न दे पाने से पंद्रह साल की निर्मला का रिश्ता टूट जाता है, और माँ उसे तीन जवान बेटों वाले अधेड़ वकील तोताराम से ब्याह देती है। शक, अकेलापन और एक घर का धीरे-धीरे बिखरना: दहेज और बेमेल विवाह पर प्रेमचंद का सबसे तीखा उपन्यास।
- Genres
- Literarische Romane, Familiensagas
- Schauplatz
- Bundesstaat Uttar Pradesh, Indien
- Zielgruppe
- Erwachsene
- Erschienen
- 1927





