
रंगभूमि
試し読み 約 957 分
बनारस के पास पाँडेपुर गाँव का अंधा भिखारी सूरदास अपनी पुश्तैनी ज़मीन पर गाँव के जानवर चरने देता है। जब ईसाई व्यापारी जॉन सेवक वहाँ सिगरेट का कारखाना लगाना चाहता है, तो सूरदास अकेला राजा, अफ़सरों और पूँजी के सामने अड़ जाता है।
- ジャンル
- 純文学, 社会問題
- 舞台
- Pandeypur, ワーラーナシー, ウッタル・プラデーシュ州, インド; ワーラーナシー, ウッタル・プラデーシュ州, インド
- 対象読者
- 一般
- 発行日
- 1925


