प्रेमचंद
Auteur local de Vârânasî, Uttar Pradesh, Inde
प्रेमचंद (1880–1936), असली नाम धनपत राय, बनारस के पास लमही गाँव में जन्मे और स्कूल-मास्टर व सब-इंस्पेक्टर की नौकरी के साथ पहले उर्दू में, फिर हिंदी में लिखने लगे। गांधी के असहयोग आंदोलन में सरकारी नौकरी छोड़ी और बनारस में सरस्वती प्रेस चलाते हुए गाँव और कस्बे के आम लोगों की ज़िंदगी पर लिखते रहे।


